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कृषि सेक्टर में होगी बंपर कमाई, छात्रों को मिलेगी नौकरी

कृषि सेक्टर में होगी बंपर कमाई, छात्रों को मिलेगी नौकरी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि को बेहतर और बेहतर बनाने को लेकर कई योजनाओं पर सरकारें काम करने में लगी हुई हैं. इसी तर्ज पर कृषि सेक्टर पर सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है. केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जयपुर पहुंचे. जहां उन्होंने चौधरी चरण सिंह राष्ट्रिय कृषि विप विपणन संस्थान के स्नातकोत्तर डिप्लोमा इन एग्री बिजनेस मैनेजमेंट का चतुर्थ दीक्षांत समारोह एवं एग्री इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के उदघाटन कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि, देश में कृषि के सेक्टर को गांवों में ज्यादा समृद्ध बनाने के लिए वो छात्र अपना योगदान दें, जो कृषि से जुड़े हुए हैं. तोमर ने ये भी कहा कि, संस्थान में 60 सीटें और बढ़ाने और छात्रावास में रहने की बाध्यता को खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि, कृषि का सेक्टर सबसे जरूरी है और अहम है. जिसमें सबका इंटरेस्ट बढ़े. ताकि युवा भी इसके प्रति आर्षित हों. इतना ही नहीं तोमर ने कहा कि, ये हम सब की जिम्मेदारी भी है. कृषि सेक्टर में लोगों के लिए बंपर रोजगार है, लेकिन इसमें किसानों की देशभक्ति भी झलकती है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि कृषि में उत्पादन के बिना बिलकुल काम नहीं चल सकता.

चुनौतियों का कर रहें सामना

मंत्री नरेंद्र सिंह तोमरने कहा कि, कृषि के सेक्टर में अनगिनत चुनौतियां हैं. जिसको हल करने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार की मदद से प्रोद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ रही है.
फसलों का विविधीकरण, उपज की बिक्री में बिचौलियों का खात्मा, और महंगी फसलों की तरफ बढ़ने जैसी चुनौतियों से योजना के अनुसार निपटा जा रहा है. आगे उन्होंने कहा कि, साइंटिस्ट ने कृषि सेक्टर में काफी मेहनत की है. बात किसानों की करें तो उनकी कठिन मेहनत और सरकार की किसानों के हित में बनाई गयी नीतियों की वजह से कृषि में प्रगति हुई है. ज्यादातर उत्पादकों मके मामले में देश पूरी दुनिया में पहले या दूसरे पायदान में खड़ा है. जिसे मिलकर और भी आगे बढ़ाना है.

देश से खाद्यान को लेकर अपेक्षाएं

केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, पूरी दुनिया को हमारे देश से खाद्यान को लेकर काफी सारी अपेक्षाएं हैं. जिसे पूरा किया जा रहा है, और आगे भी किया जाता रहेगा. किसानों की कड़ी मेहनत और सरकार की कोशिशों में अब तक कोई कमी नहीं आई है. आजीविका सही ढंग से चलती रहे, इसके लिए नौकरी करनी बेहद जरूरी है. लेकिन कृषि के सकते को पहले से बेहतर बनाना भी जरूरी है, क्योंकि देश की करीब 56 फीसद आबादी इसी पर निर्भर है. ये भी देखें: केंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम से लाखों किसानों को होगा लाभ

देश के सुनहरे भविष्य के लिए लागू हो रहीं योजनाएं

तोमर ने कहा कि, देश के प्रधानमंत्री हमेशा से ही इस बात पर जोर देते हैं कि, हम अपना आज खूबसूरत तो बनाएंगे ही, लेकिन देश की आजादी के अमृत काल तक भारत को एक विकसित राष्ट्र भी बनाना है. क्योंकि यह अवसर देश के लिए ना सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि सुनहरा भी है. जिसका फायदा उठाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर है. साल 2047 तक देश के भविष्य ऐसा ही होगा, कि वो पूरी दुनिया का मार्गदर्शन कर सकेगा. जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार कार्यक्रमों के साथ साथ योजनाएं लागू की जा रही हैं.

विश्व गुरु बनेगा भारत

मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि, कल का इंतजार करना मतलब खुद के साथ बईमानी करने जैसा है. जो भी करना है, उसे आज ही करना उचित है. हालांकि देश में एग्रीकल्चर स्टार्टअप ने काफी अच्छे और सफल प्रयोग किये हैं. साल 2014 में जब सरकार बनी थी, तब सभी सेक्टर से कुल 32 स्टार्टअप थे. जिन्हें पीएम ने लगातार प्रोत्साहित किया. लेकिन आज अन्य सेक्टर को मिलाकर बात की जाए तो करीब 10 हजार से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं. इन सभ की ताकत को मिलाकर देखा जाए तो आने वाले समय में भारत विश्व गुरु बनकर खड़ा होगा.

स्टार्टअप के प्रोडक्ट्स किये लांच

कार्यक्रम में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और एग्रीकल्चर बिजनेस मैनेजमेंट के छात्रों को डिप्लोमा बांटा. इसके आलवा मेधावी छात्रों को पदक भी दिए. साथ ही उन्होंने नियाम से प्रशिक्षित और अनुदानित स्टार्टअप के प्रोडक्ट भी लांच किये. और इससे जुड़े अनुदान चेक भी बांटे.
20 नवंबर से कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर आधारित एक छोटा सा कोर्स पाठ्यक्रम आयोजित होगा

20 नवंबर से कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर आधारित एक छोटा सा कोर्स पाठ्यक्रम आयोजित होगा

आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र अगले महीने यानी कि कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर आधारित एक छोटा सा पांच दिवसीय कोर्स आयोजित करने के लिए तैयार है। कोर्स 20 नवंबर को गाजियाबाद से आरंभ किया जायेगा। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र कृषि में बढ़ी हुई स्पेस तकनीक के चलते फिलहाल एक योजना तैयार कर रही है। जो कि उन्नत खेती और सटीक अनुमान के आधार पर खेती की उन्नति एवं प्रगति के लिए एक पांच दिवसीय कोर्स को तैयार करेगा। भारत में यह कार्यक्रम 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सबसे पहले शुरू किया जायेगा।

20 नवंबर को गाजियाबाद में पांच दिवसीय पाठ्यक्रम

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) अगले माह कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर आधारित एक छोटा सा कोर्स पाठ्यक्रम आयोजित करने के लिए तैयार है। 20 नवंबर को गाजियाबाद में चालू होने वाले इस पांच दिवसीय पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के मांग और उसके फायदों से जुड़ी जानकारी प्रदान करना है।

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किसान आसानी से कर पाएं तकनीक का इस्तेमाल

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ने कृषि क्षेत्र में बहुत सारे बड़े परिवर्तन किए हैं। इसकी मदद से आज हम विभिन्न प्रकार की तकनीकों को अपना कर कृषि को उन्नत बना रहे हैं। यही कारण है कि इससे उत्पादकता में काफी बढ़ोतरी देखी जाती है। उपग्रहों एवं अन्य अंतरिक्ष-आधारित संपत्तियों से डेटा का इस्तेमाल करके, किसान फिलहाल बेहतर ढ़ंग से खेती से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही अपनी खेती से संबंधित समस्त कार्यों को अच्छी तरह से कर सकते हैं। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी द्वारा चलाई जा रही कृषि तकनीकी किसानों को सटीक कृषि कार्यों को अपने क्षेत्रों में और भी सशक्त बनाती हैं। इसके साथ ही, यह मौसम पूर्वानुमान और जलवायु डाटा आदि विभिन्न प्रकार की सुविधाओं को सुगम बनाता है। इसकी सहायता से किसानों को ज्यादा सटीकता के साथ अपने रोपण और कटाई कार्यक्रम की योजना तैयार करने की अनुमति मिलती है।

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कृषि सुरक्षा में सहयोगी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी द्वारा प्रदान की गई वक्त पर मौसम की चेतावनी फसलों को बोने से लगाकर उनके संरक्षण सुरक्षा तक की भविष्यवाणी करती है। इसके साथ में किसानों को अपनी फसलों को बुवाई से पहले अथवा बुवाई के उपरांत उनको कटाई बुआई आदि के लिए तैयार रखने की जानकारी बड़ी ही सुगमता से मिल जाती है। आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी खेती-बाड़ी में एक जरूरी संसाधन बन गया है। जो कि किसानों को विभिन्न प्रकार से सतर्क रखने के साथ ही उनकी पैदावार को बढ़ाती है।